
डोल ग्यारस (जलझूलनी एकादशी) के शुभ अवसर पर हार्दिक मंगलकामनाएँ।
श्रीहरि विष्णु की आराधना से जुड़ा यह पर्व भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर प्रतीक है। राजस्थान सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में डोल ग्यारस की परंपरा बड़े उत्साह और श्रद्धा भाव के साथ निभाई जाती है, जहाँ भगवान के विग्रह को सुसज्जित डोल में विराजमान कर भक्तजन भजन-कीर्तन और स्तुति के साथ उनका पूजन करते हैं।
प्रतिवर्ष ठाकुरजी की प्रतिमाओं को बारिश के पवित्र जल से स्नान करवाने और पूजन, दर्शन कर उनकी शोभायात्रा उत्साह से निकालने की यह आस्था अद्वितीय है। कामना करता हूँ कि श्री हरि सभी का कल्याण करे।

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