संस्कृत भाषा वास्तव में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ज्ञान परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह दिवस हमें हमारी जड़ों से जुड़ने और अपनी विरासत को गर्व से मनाने का अवसर प्रदान करता है। “वसुधैव कुटुम्बकम्” का विचार वास्तव में हमें विश्व बंधुत्व और एकता की भावना की ओर प्रेरित करता है। संस्कृत
Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Ji
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी के आज के संध्या आरती शृंगार दर्शन 04.08.2025
Fourth Somwar of Sawan
नमो देवादिदेवाय महादेवाय ते नमः।त्र्यम्बकाय नमस्तुभ्यं त्रिशूलवरधारिणे।। पवित्र श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं! देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। हर हर महादेव
